सुकृत पुलिस की तत्परता से एक घंटे में परिजनों से मिली बिछड़ी मासूम।

 सुकृत पुलिस की तत्परता से एक घंटे में परिजनों से मिली बिछड़ी मासूम। 



महिला की सजगता और पुलिस के कुशल प्रयास से सुरक्षित हुई 9 वर्षीय बच्ची, परिजनों ने जताया आभार। 




(रिपोर्ट- बृजेश कुमार सिंह/सोनभद्र)



सोनभद्र। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र की सुकृत पुलिस चौकी अंतर्गत मधुपुर बाजार में 27 अगस्त 2026 को करीब 9 वर्षीय बच्ची लावारिस हालत में रोती हुई मिली। सूचना मिलते ही सुकृत पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज एक घंटे के भीतर बच्ची के परिजनों का पता लगाकर उसे सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस की इस संवेदनशील एवं सराहनीय कार्रवाई की क्षेत्र में खूब प्रशंसा हो रही है।

जानकारी के अनुसार, एक बुजुर्ग महिला अपनी करीब 9 वर्षीय नातिन के साथ बनारस से चित विश्रामपुर के लिए रोडवेज बस से रवाना हुई थीं। बताया गया कि बस कमलकुंज ढाबा के पास निर्धारित स्टॉप पर कुछ देर के लिए रुकी। इसी दौरान बच्ची अपनी नानी से बिछड़ गई। बस के आगे बढ़ जाने के बाद पूर्व में लिए गए टिकट के आधार पर बस परिचालक ने बच्ची को मधुपुर बाजार के पास उतार दिया।

मधुपुर बाजार में बच्ची अकेली और रोती हुई दिखाई दी। इसी दौरान एक महिला की नजर उस पर पड़ी। महिला ने संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची के पास जाकर उसके रोने का कारण पूछा। बातचीत से जब महिला को पता चला कि बच्ची अपने परिजनों से बिछड़ गई है तो उसने तत्काल वहां सुरक्षा व्यवस्था में तैनात सुकृत पुलिस के जवानों को इसकी सूचना दी।

सूचना मिलते ही सुकृत चौकी से उपनिरीक्षक कमलेश गुप्ता, हेड कांस्टेबल सुगंध कुमार एवं कांस्टेबल अखिलेश मौके पर पहुंचे और बच्ची के परिजनों की तलाश शुरू कर दी। बच्ची काफी घबराई हुई थी और शुरुआत में वह अपने बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रही थी।

पुलिसकर्मियों ने पहले बच्ची को भरोसा दिलाया और उसे छांव में बैठाकर पानी पिलाया तथा खाने के लिए सेब दिए। बच्ची के शांत होने के बाद पुलिस ने धीरे-धीरे उससे उसकी नानी, यात्रा और घर के संबंध में जानकारी लेने का प्रयास किया। काफी पूछताछ के बावजूद जब बच्ची स्पष्ट जानकारी नहीं दे सकी तो पुलिस ने उसके बैग की जांच की।

बैग में एक कागज पर मोबाइल नंबर लिखा मिला। पुलिस ने तत्काल उस नंबर पर संपर्क किया और बातचीत के माध्यम से बच्ची के परिजनों तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया। इसी दौरान बच्ची की नानी भी रॉबर्ट्सगंज कस्बा चौकी पहुंच चुकी थीं। दोनों ओर से मिली जानकारी के बाद पुलिस ने बच्ची की पहचान सुनिश्चित की और परिजनों को बुलाकर मासूम को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया।

करीब एक घंटे के भीतर बच्ची के सुरक्षित परिजनों तक पहुंचने से परिवार ने राहत की सांस ली। परिजनों ने सुकृत पुलिस की तत्परता और संवेदनशील व्यवहार के लिए आभार जताया। वहीं, बच्ची की मदद करने वाली महिला की सजगता की भी लोगों ने सराहना की।

बच्चों के साथ सफर करने वालों से पुलिस की अपील

सुकृत पुलिस ने आमजन से अपील की है कि छोटे बच्चों के साथ यात्रा करते समय विशेष सावधानी बरतें। बच्चों की जेब या बैग में उनका पूरा पता और अभिभावक का मोबाइल नंबर जरूर रखें, ताकि किसी विषम परिस्थिति में बच्चा परिजनों से बिछड़ जाए तो उसकी पहचान कर पुलिस या अन्य लोगों को परिजनों तक पहुंचाने में आसानी हो सके।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ